ब्लड प्रेशर क्यों बढ़ता है?HealthPlanet

Posted on Thu 1st Dec 2022 : 08:57

हाई ब्लड प्रेशर क्यों होता है?
High Blood Pressure in Hindi: हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन या हाई बीपी के नाम से भी जाना जाता है। शरीर के सभी अंगों को सही ढंग से कम करने के लिए ब्लड (खून) की आवश्यकता होती है। हृदय (हार्ट) के माध्यम से ब्लड शरीर के सभी अंगों में भेजा जाता है। हाई ब्लड प्रेशर की समस्या में आपकी धमनियों में ब्लड प्रेशर बहुत ज्यादा हो जाता है। शरीर में मौजूद ब्लड नसों से सभी अंगों तक पहुंचता है और इसके जरिए ही अंगों को ऑक्सीजन, विटामिन, मिनरल्स और दूसरे जरूरी पोषक तत्व पहुंचाए जाते हैं। जब इन नसों में दबाव बढ़ता है, तो हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension in Hindi) की स्थिति शुरू होती है। हार्ट द्वारा बहुत ज्यादा तेजी से ब्लड को पंप करने से आपकी नसों में बहने वाला खून बहुत ज्यादा दबाव के साथ अंगों तक पहुंचता है। एक आंकड़े के मुताबिक भारत में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण लगभग 3 से 4 लाख लोग हर साल जान गंवाते हैं। लंबे समय तक हाई बीपी की समस्या के बने रहने पर आपको हार्ट अटैक और हार्ट फेलियर की समस्या भी हो सकती है। लोगों में बीमारियों की समझ बढ़ाने और बीमारियों के प्रति जागरूक करने के लिए ओनलीमायहेल्थ एक स्पेशल सीरीज लेकर आया है जिसका नाम है 'बीमारी को समझें'। आइए आज बीमारी को समझें सीरीज में जानते हैं हाई ब्लड प्रेशर क्यों होता है?
हाई ब्लड प्रेशर क्यों होता है?-
हाई ब्लड प्रेशर दिल से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन की समस्या खानपान और जीवनशैली से जुड़ी मानी जाती है। बाबू ईश्वर शरण सिंह हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ आर के यादव के मुताबिक शरीर में ब्लड प्रेशर या रक्तचाप सामान्य से ज्यादा होना हाई ब्लड प्रेशर है। ब्लड प्रेशर को निर्धारित करने के लिए दो चीजों को मॉनिटर किया जाता है- पहला हार्ट द्वारा पंप किया गया ब्लड और दूसरा धमनियों में ब्लड प्रेशर के खिलाफ रेजिस्टेंस या दबाव की क्षमता। जिन लोगों की नसें या धमनियां संकरी हो जाती हैं या कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने पर ब्लाक हो जाती हैं, उन्हें हाई बीपी का खतरा ज्यादा रहता है। शरीर में ब्लड प्रेशर की रेंज अगर सिस्टोलिक - 120 mmHg और डायास्टोलिक - 80 mm Hg है, तो इसे सामान्य ब्लड प्रेशर या नार्मल ब्लड प्रेशर कहते हैं। लेकिन अगर यह रेंज सिस्टोलिक - 130 से 139 mm Hg के बीच और डायास्टोलिक - 80 से 90 mm Hg के बीच हो जाती है, तो इसे हाई ब्लड प्रेशर कहा जाता है।
ब्लड प्रेशर खानपान, जीवनशैली और शरीर के स्वास्थ्य के हिसाब से हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकता है। कुछ लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या आनुवांशिक कारणों से भी होती है। हाई ब्लड प्रेशर मुख्यतः दो तरह का होता है- पहला प्राइमरी हाइपरटेंशन और दूसरा सेकेंडरी हाइपरटेंशन। इन दोनों ही तरह के हाई ब्लड प्रेशर की समस्या के कारण अलग-अलग होते हैं। आइए जानते हैं हाई ब्लड प्रेशर क्यों होता है?
प्राइमरी हाइपरटेंशन के कारण
प्राइमरी हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या सबसे ज्यादा युवाओं में देखने को मिलती है। यह समस्या सबसे ज्यादा असंतुलित खानपान और खराब जीवनशैली के कारण होती है। प्राइमरी हाइपरटेंशन के कुछ प्रमुख कारण इस तरह से हैं-
मोटापे की समस्या
पर्याप्त नींद न लेना
बहुत ज्यादा नॉनवेज फूड्स का सेवन
तनाव और गुस्सा ज्यादा होना
ऑयली और फास्ट फूड्स का अधिक सेवन
व्यायाम और शारीरिक श्रम की कमी

सेकेंडरी हाइपरटेंशन के कारण

सेकेंडरी हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर मुख्य रूप से शरीर में मौजूद बीमारी या रोग की वजह से होता है। शरीर की स्वास्थ्य स्थिति की वजह से आपके शरीर में ब्लड प्रेशर बढ़ने को सेकेंडरी हाइपरटेंशन कहा जाता है। इसके लिए आपके शरीर में मौजूद बीमारी या समस्या को जिम्मेदार माना जाता है। सेकेंडरी हाइपरटेंशन के प्रमुख कारण इस तरह से हैं-

आनुवांशिक कारणों से
किडनी से जुड़ी बीमारी
थायरॉइड की समस्या
ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया
एड्रीनल ग्लैंड ट्यूमर
गर्भनिरोधक दवाओं का अधिक सेवन
ड्रग्स, शराब, सिगरेट और नशे के कारण

कैसे होती है हाई ब्लड प्रेशर की जांच?

हाई ब्लड प्रेशर की जांच करने के लिए डॉक्टर सबसे पहले बीपी मशीन के माध्यम से आपके शरीर में ब्लड प्रेशर नापते हैं। इसके बाद मरीज के वजन की जांच की जाती है। डॉक्टर यह सलाह देते हैं कि एक बार ब्लड प्रेशर चेक करने से ही आपको सही रिजल्ट नहीं मिलता है, इसलिए आपको समय-समय पर इसकी जांच करते रहना चाहिए। ब्लड प्रेशर की जांच करने के लिए आजकल मार्केट में तमाम तरह की इलेक्ट्रॉनिक मशीन मौजूद हैं। इनसे जांच करना आसान भी माना जाता है, लेकिन कई बार ये मशीन सही रीडिंग नहीं देती हैं। डॉक्टर या एक्सपर्ट की देखरेख में जांच होने से आपको सही रीडिंग का पता चलता है।
हाई बीपी से कैसे बचें?-

ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या में डॉक्टर मरीजों को कुछ दवाओं का सेवन करने की सलाह देते हैं। लेकिन इसके साथ ही आपको जीवनशैली और खानपान में जरूरी सुधार करने की सलाह भी दी जाती है। हाई ब्लड प्रेशर से बचने के लिए आपको संतुलित और पौष्टिक भोजन का सेवन करना चाहिए और नियमित रूप से व्यायाम या योग का अभ्यास जरूर करना चाहिए। शारीरिक रूप से निष्क्रिय होने पर भी हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ जाता है। हाई ब्लड प्रेशर होने पर आपको डॉक्टर की सलाह लेकर समय पर इलाज जरूर करान चाहिए।

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